'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' सीरियल के लिए ६ सुझाव, जो शो को वापस से TRP में उपर ले जायेगा

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'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' जो 'भारत' का ऐसा टीवी सीरियल है | जिसको सिर्फ 'भारत' में ही नहीं बल्कि 'दुनियाभर' में बहुत पसंद किया जाता है | ये शो एक 'सिटकॉम' शो है, जिसको आप अपने पुरे परिवार के साथ बैठ के देख सकते है | इस शो ने अब तक '३७२६' एपिसोड्स पुरे कर लिए है और आगे भी ये शो कंटिन्यू कर रहा है | इसी के साथ इस शो ने 'लॉन्गेस्ट रनिंग इंडियन टीवी शो' का 'गिनिस बुक ऑफ़ वर्ल्ड रेकॉर्ड' में भी अपना नाम दर्ज करवा लिया |

पर कुछ समय से ये टीवी शो लोगों को उतना पसंद नहीं आ रहा | शो के कुछ भाग लोगों को खोये से लगते है | ये शो पहले 'TRP' में पहले स्थान पर आता था | पर कुछ समय से ये 'टॉप १०' में तो आता है | पर पहले स्थान पर नहीं आ रहा | इसी विषय पर आज हम आपको बताएंगे, की किस वजह से शो की TRP कम हो रही है और इसको कैसे सुधराया जा सकता है|



१. शो की पेसिंग :- 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' शो जब सब टीवी पे चैनल पे शुरू हुआ, तभी से लोगों को ये शो पहली बार में ही पसंद आ गया | क्योंकि तभी वैसी कोई भी सीरियल टीवी पर नहीं चल रही थी और आज भी नहीं चल रही | इसकी इकलौती वजह है इस शो की फ़ास्ट पेसिंग | जिसकी वजह से शू देखने में बिलकुल बोर नहीं होता | और आजकल के लोगों को यही सारी 'फ़ास्ट पेस्ड' चीजे देखना पसंद है | क्योंकि स्लो पेसिंग तोह सास बहु के टीवी सीरियल में भी चलता है | यही फ़ास्ट पेस्ड वाली चीज़ इस शो में से अब मिसींग है | अगर शो वापस से 'फ़ास्ट पेस्ड' पे चलने लगे और शो की साडी स्टोरीज को भी फ़ास्ट दिखाया जाये, तोह शो को TRP में अव्वल आने से कोई नहीं रोक सकता | 


२. दया भाभी की वापसी  :- जबसे शो में सबसे ज्यादा पसंद किये जाने वाले किरदार 'दया भाभी' शो छोड़ के गयी है, तब से शो बहुत अधुरा सा लगता है | लगों को 'दया भाभी' का किरदार शो में सबसे ज्यादा पसंद आया था | ये एक ऐसा पात्र है, जिसको 'दिशा वकानी' के अलावा दूसरी कोई भी एक्ट्रेस रिप्लेस नहीं कर सकती | उनकी और जेठालाल की केमेस्ट्री से ही शो में असली जान थी | पर २०१७ के उनकी लास्ट एपिसोड से ये चीज़ मिसिंग है | अगर सिर्फ 'दिशा वकानी' को ही शो में दया भाभी के किरदार में वापस लाया जाता है | तोह शो वापस से पहले की तरह ही दौड़ेगा |


३. कास्टिंग :- शो के ऊपर सबसे बड़ा असर करने वाली चीज़ है शो की कास्टिंग | जिस शो को १५ सालों से लोगों की ओर से प्यार मिल रहा है और उस शो के सभी पात्रों को करने वाले अभिनेताओ से हम भावनात्मक रूप से जुड़ जाये | वोही अभिनेताओ को इस शो के मेकर्स ने दुसरे पात्रों से बदल दिया है | जिनको इस शो में देखने में मजा नहीं आता | हालांकि वो नए अभिनेता अपना १००% देते है | देखा जाय तोह हमारे बिच 'डॉक्टर हाथी' का पात्र निभाने वाले 'कवी कुमार आजाद' और 'नटू काका' का पात्र निभाने वाले 'घनश्याम नायक' हमारे बिच नहीं रहे | फिर भी वो दोनों पात्रों के किरदार शो में अच्छा काम कर रहे है | हालांकि 'नए हाथी भाई' यानि 'निर्मल सोनी' सबसे पहले हाथी भाई थे | पर लोगों के द्वारा सबसे ज्यादा 'कवी कुमार आजाद' के हाथी भाई के पात्र को ही लोगों ने पसंद किया था | अब अगर इन दोनों अभिनेताओ को छोड़ के पुराने अभिनेता शो में वापस आते है, तो शो को देखने का मजा दुगना हो जायेगा और शो की 'कॉमेडी' भी पहले की तरह अछि हो जाएगी |


४. शो की कॉमेडी :- इस शो की ऐसी बोहत साडी चीजे है जिससे कॉमेडी पहले की तरह शो में दिखाई नहीं देती | जैसे "शो के डायलॉग्स, शो में बापूजी का जेठालाल पे गुस्सा होना, कॉमेडी की नयी क्रिएटिविटी, शो की पेसिंग और शो की कास्टिंग" | इन सारी चीजों की वजह से पहले की तरह शो में पहले की तरह कॉमेडी नजर नहीं आती | इसके लिए मेकर्स को शो के 'डायलॉग्स' जबरदस्त लिखने होंगे | कॉमेडी सीन्स के लिए नयी नयी 'क्रिएटिविटी' मेकर्स को सोचनी होगी | शो की 'पेसिंग फ़ास्ट' करनी होगी | शो के 'पुराने अभिनेताओ' को वापस लाना होगा और 'बापूजी' का 'जेठालाल' पे पहले की तरह ज्यादा गुस्सा करवाना होगा | इन सुधराव से ही पहले की तरह लोग इसको पसंद करेंगे |


५. शो का बैकग्राउंड म्यूजिक :- शो का 'बैकग्राउंड म्यूजिक' शो की कॉमेडी कम होने का सबसे मुख्य कारण है | शो में कुछ दिनों से दो नए 'बैकग्राउंड म्यूजिक' चल रहे है | जिसको देखने से जो हसी आती है वो भी चली जाती है | पहले के एपिसोड्स में हर पात्र को अलग अलग BGM था | जो अब भी है, लेकिन उसमे ये नया BGM भी आ जाता है | जिससे बिलकुल मजा चला जाता है | शो में कोई भी सिन चल रहा हो | वो म्यूजिक कभी भी आ जाता है | ये सब लोगों को एक काम बचाओ ट्रिक लगती है | शो में अगर पुराने एपिसोड्स के जैसा BGM वापस डाला जाये और जो दो नए BGM आये है उनको पूरी तरह से हटा दिया जाये | तोह शो लोगों को बोहत ज्यादा पसंद आयेगा |

(में आपको शो के एक एपिसोड का लिंक दे रहा हु | जिसको आप 1:46 से शुरू कीजिये और उसका म्यूजिक सुनिए जिस बकवास म्यूजिक बात हम कर रहे थे |)

एपिसोड लिंक :- https://www.youtube.com/watch?v=MJ7720O0s9M (Play from 1:46)


६. कलर और रेनोवेशन :- अगर अप लोगों ने नोटिस किया होगा | तोह पहले के २००० एपीसोड्स के बाद शो का 'ब्राइटनेस' दुगना बढ़ा दिया गया है | और पुराने एपिसोड्स के मामले में नए एपिसोड्स में सबके घरों का 'रेनोवेशन' बदला हुआ है | जिससे लोगों को शो 'मिडल क्लास फॅमिली' जैसा फील ही नहीं होता | शो में पुरानी कलर ग्रेडिंग जो HD में भी अच्छी दिखे, पहले के २००० एपिसोड्स के जैसा ब्राइटनेस और 'पुराने रेनोवेशन' वाले घर शो में वापस से कॉमेडी का जबरदस्त तड़का दे सकती है | कुछ लोगों ये बात हजम नहीं होगी | पर ये एकदम सच है | आप लोग चाहे तो उन सब एपिसोड्स की तुलना एक दुसरे से करके देख सकते है |



बात की जाये शो की तोह, शो पहले २५०० एपिसोड्स तक एकदम अच्छा कॉमेडी शो था | बाद में ३००० तक इसका कॉमेडी लेवल थोडासा  कम हो गया | और उसके बाद और कम हो गया | तो अब तक वैसे ही चल रहा है | अगर शो के मेकर्स इन ६ सुझावों को अमल में लाते है | तो शो को वापस से TRP में ऊपर आने से कोई नहीं रोक सकता | उससे शो को वापस से लोगों का प्यार भी मिलेगा | दूसरी बात करे तोह अगर शो के मुख्य कलाकार 'जेठालाल' उर्फ़ 'दिलीप जोशी' शो को छोड़ते है | तो शो को बंद होने से कोई भी नहीं रो सकता | देखा जाये तो अगर अब शो किसी भी पुराने अभिनेता ने छोड़ा तो भी शो की 'TRP' टॉप १० में से भी निकल जाएगी, जो अब तक चल रही है |



लोगों को बड़ा झटका तब लगा जब शो के पात्र 'तारक मेहता' उर्फ़ 'शैलेश लोढा' ने शो को अलविदा कहा | 'नए तारक मेहता' का किरदार 'सचिन श्रॉफ' निभा रहे है | वो भी शो में अच्छा काम कर रहे है | पर 'तारक मेहता' का पात्र शो में ऐसा पात्र है | जो 'डायलॉग्स' को 'कविताओ' जैसा बोलते है | ये चीज़ 'शैलेश लोढ़ा' पर एकदम सूट करती थी और नैचरल भी लगती थी | उनका किरदार शो में समजदार दिखने के साथ साथ समजदार भी था | पर 'सचिन श्रॉफ' कविताओ जैसे डायलॉग्स नहीं बोल पाते और उनकी एक्टिंग भी 'शैलेश लोढा' जैसी नहीं लगती | जो भी है आज भी सब 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' टीवी शो मजे से देखते है | क्यूंकि आज के समय सिर्फ यही एक शो ऐसा है जो सारा परिवार मिल जुलके देख सकता है और सिर्फ इसी शो ने हमारी भारतीय संस्कृति को संभाला है | जो हमें टीवी में शो देखते वक्त पता चलता है | उपर से इस शो में सांस बहु का कोई ड्रामा नहीं है, सिर्फ हसी मजाक और सामाजिक ज्ञान है | जो लोगों को देखने में मजा दे | इसलिए शो कैसा भी हो, आज भी लोग घर में रात के समय खाना खाते वक्त इस शो को अपनी फॅमिली के साथ बैठ के देखते है | 

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