उस फिल्म का नाम है 'इंटरस्टेलर'। यह एक ऐसी जबरदस्त 'साइंस फिक्शन' फिल्म है। जिसका एक्सपेरीयंस आपको जिंदगी भर याद रहेगा। इस फिल्म के निर्माता, स्टोरी राइटर और निर्देशक 'क्रिस्टोफर नोलन' है। जो हॉलीवुड के मशहूर फिल्म मेकर में से एक है । जिनकी हर फिल्म का कॉन्सेप्ट यूनिक ही रहा है । इस फिल्म को बनाने के लिये उन्होने जितनी मेहनत कि है, उतनी मेहनत शायद हि कोई निर्देशक करे | फिल्म सिनेमाघरो मे रिलीज होने के बाद लोगो का इस फिल्म का एक्सपेरीयंस बहुत जबरदस्त था |
'इंटरस्टेलर' फिल्म की बात करें तो यह फिल्म "भविष्य में होनेवाली कुछ संभावित घटनाओ पर आधारित है | जिसमे हमें कोई बीमारी की जानकारी दी है | जिसका हल ढूंढने के लिए कुछ वैज्ञानिक अंतरिक्ष में जाते है |" वहा उनके साथ क्या होता है? ये जानने के लिए आपको ये फिल्म देखनी होगी | फिल्म में हमें 'ब्लैक होल' भी दिखाया गया है | जो अंतरिक्ष में है | इस फिल्म में ब्लैक होल दिखाने के लिए निर्देशक 'क्रिस्टोफर नोलन' ने दुनिया के कई सारे मशहूर वैज्ञानिकों को बुला के उनसे 'ब्लैक होल' के बारे में जानकारी ली | 'ब्लैक होल' का पूरा वर्णन पुछा | तभी वो ब्लैक होल हमें फिल्म में VFX के जरिये दिखाया गया |
ये फिल्म २०१४ में आई थी और तब वैज्ञानिकों के पास ब्लैक होल की असली तस्वीर नहीं थी | इसलिए निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन ने वैज्ञानिकों ने किये हुए ब्लैक होल के वर्णन के जरिये फिल्म में हमें ब्लैक होल दिखाया था | किसी फिल्म के लिए इतनी मेहनत शायद ही कोई दूसरा निर्देशक करता | और हैरानी की बात तो ये है, की जब ब्लैक होल की असली तस्वीर १० अप्रैल २०१९ को जब वैज्ञानिकों को मिली, तब उस तस्वीर में ब्लैक होल वैसा ही था जैसा निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन ने हमें इंटरस्टेलर फिल्म में दिखाया था | जिसको देख फिल्म की मदत करने वाले हर वैज्ञानिक के लिए ये गर्व की बात थी |
दो साल पहले ये फिल्म हिंदी भाषा में भी डब की गयी | जिससे भारत के और ज्यादा लोगों ने इस फिल्म को देखा | जिसको देख हर कोई बोल रहा था, काश ये फिल्म मैंने थिएटर में देखी होती | फिल्म के सबसे हाइलाइटेड मुद्दे की बात करे, तो वोह है इस फिल्म का स्क्रीनप्ले और बैकग्राउंड स्कोर | इस फिल्म का स्क्रीनप्ले क्रिस्टोफर नोलन के साथ साथ उन्ही के भाई जोनथन नोलन ने लिखा है | जो फिल्म में हमें बांधे रखती है और कुछ कुछ सीन्स में शॉक भी देखी है | फिल्म २ घंटे ४९ मिनट की है | लेकिन स्क्रीनप्ले मजबूत होने की वजह से हमें पता ही नहीं चलता की कब इतना समय बित गया | बात की जाये इस फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर की तो फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर 'हँस जीमर' ने दिया है | इन्होने फिल्म के हर एक सिन को ऐसा परफेक्ट म्यूजिक दिया है | जिसको सुनके आप उन सारे सीन्स को मन के अन्दर से फील करने लगोगे | इमोशनल सीन्स में उस म्यूजिक के साथ वो सिन देखने पर आपके आँखों में आसू भी आएंगे | इतना जबरदस्त बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म में 'हँस जिमर' ने दिया है | बैकग्राउंड म्यूजिक के लिए फिल्म ऑस्कर में भी नोमिनेट हुई थी, पर जित नहीं पाई |
इस फिल्म को 'बेस्ट VFX' के लिए 'ऑस्कर' पुरस्कार भी मिल चुका है | बात करे फिल्म के स्टार कास्ट की, तो फिल्म में हमें मुख्या भूमिका में मैथ्यू मेक'कोनौघी देखने मिलते है | इसके अलावा फिल्म में जेसिका चैस्टन, ऐनी हैथवे, माइकल कैन, मैट डैमन और भी कई सारे मशहूर अभिनेता इस फिल्म में हमें देखने मिलते है | फिल्म भारत में ७ नवंबर २०१४ को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी | जो बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छी चली थी | बोहत सारे लोगों की इच्छा है की ये फिल्म वापस से एक बार सिनेमाघरों में आये और जो इस फिल्म को उस समय थिएटर में नहीं देख पाए थे, उनको दोबारा इस फिल्म को थिएटर में एक्सपेरियंस करने का मौका मिले | फिल्म हमें साइंस के बारे में बोहत कुछ सिखाती है | इसलिए इस फिल्म को आप अपनी जिंदगी में एक बार जरुर देखे |

