कब्ज़ा फिल्म को लोगो की तरफ से मिल रहा हे हेट

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'कब्ज़ा' जो एक 'साउथ इंडियन इंडस्ट्री' यानी 'सैंडलवुड' की 'कन्नडा' भाषा की फिल्म है, जो १७ मार्च २०२३ को सिनेमा घरों में रिलीज हुई | पर ट्विटर और युट्यूब पर इस फिल्म का रिव्यु निगेटिव ही इकल कर आ रहा है | क्या ये फिल्म सच में इतनी बुरी है ? तो चलो जानते है, ये फिल्म लोगों को क्यूँ पसंद नहीं आ रही है |



लोगों का मानना है की फिल्म ऐसी बनायीं गयी है, की फिल्म में कभी भी किसी भी 'एंट्री' कभी भी हो जाती है | और फिर हम जब उस किरदार से जुड़ जाते है | तो तुरंत उसकी मौत भी हो जाती है | ये चीज़ लोगों को सबसे बकवास लगी | 

दूसरी बात करे तोह इस फिल्म में जितने भी 'एक्शन सीन्स' दिखाए गए है | वो सब जबरदस्ती से घुसाए गए है | फिल्म में कोई सीन में किसी को लटका हुआ दिखा रहे है, तोह किसी की जबरदस्ती की फाइट दिखाई गयी है, जिसमे खून खराबा बोहत ज्यादा दिखाया है | ये सब एक्शन सीन्स लोगों के दिमाग के ऊपर से जा रहे थे |

तीसरा सबसे बड़ा कारण है इस फिल्म दिखाए गए बोहत सारे 'ब्लैकआउट इफेक्ट्स' | ब्लैकआउट इफ़ेक्ट फिल्म एडिटिंग में यूज़ किया जाता है जिसमे बिच बिच में पूरी स्क्रीन २-३ सेकंड्स के लिए काली हो जाती है | और यही चीज़ फिल्म में लगातार दिखाई गयी है | चाहे वो फ्लैशबैक सीन हो या कोई सादा सीन | इसकी वजह से लोगों को चिड आती थी | 'KGF २' में भी ये इफ़ेक्ट बिच में बोहत बार दिखाया गया है | फिल्म अच्छी होने के बावजूद भी वो फिल्म की बोहत बड़ी गलती लगती है |

इसी तरह चौथा कारण है इस फिल्म के 'जबरदस्ती के डायलॉग्स' | कभी भी किसी किरदार की एंट्री होगी तोह उसके मुह से कोई एटीट्यूड वाला जबरदस्ती का डायलॉग जरुर सुनने को मिलेगा | हालांकि साउथ इंडियन इंडस्ट्री के फिल्मों में ये पहले से ही चलते आ रहा है | फिर भी इस फिल्म में कुछ ज्यादा दिखाया गया है | ऐसा लोगों का मानना है |

फिल्म के अच्छे विचारो की बात करे | तो लोगों के हिसाब से इस फिल्म की सिनेमेटोग्राफी सबसे अच्छी की गयी है | जो हर एक सीन को विज्युअली अच्छा ही दिखाती है |


बात करे फिल्म के समय की | तोह फिल्म २ घंटे और १४ मिनट की है | जो लोगों के रिव्युज के हिसाब से समय की बर्बादी है | ये फिल्म जब इस फिल्म का टीज़र आया था तो लोगों को ये फिल्म 'KGF' की नक़ल करने वाली फिल्म लगी थी | पर फिल्म रिलीज होने के बाद ये भ्रम ही लोगों का टूट गया | लोगों के हिसाब से ये फिल्म 'KGF' के आस पास भी नहीं भटकती नहीं दिखाई देती |

फिल्म में हमें उपेन्द्र राव, किच्छा सुदीप, श्रिया सरन, शिवा राजकुमार, प्रकाश राज और नयनतारा जैसे और भी 'साउथ इंडियन फिल्मों' के दिग्गज कलाकार दीखते है | इसके साथ साथ हमें 'बॉलीवुड' के ही कुछ अभिनेता दिखाई देंगे | जैसे मनोज बाजपाई, जैकी श्रॉफ और मुरली शर्मा | फिल्म की मुख्य भाषा कन्नड़ है | इसका मतलब ये है, की फिल्म 'सैंडलवुड' की है |








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